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आज का हिन्दी राशिफल

 मंगलवार, जुलाई 11, 2023 आपका बच्चों जैसा भोला स्वभाव फिर सतह पर आ जाएगा और आप शरारती मनोदशा में होंगे। धन की आवाजाही आज दिन भर होती रहेगी और दिन ढलने के बाद आप बचत करने में भी सक्षम हो पाएंगे। घर को सजाने-संवारने के अलावा बच्चों की ज़रूरतों पर भी ध्यान दें। बच्चों के बिना घर आत्मा के बिना शरीर की तरह है, फिर चाहे वह कितना भी ख़ूबसूरत क्यों न हो। बच्चे घर में उत्साह और ख़ुशीयों की सौगात लाते हैं। आज आप अपने जीवन की परेशानियों को अपने संगी से साझा करना चाहेंगे लेकिन वो अपनी परेशानियों के बारें में बता के आपको और ज्यादा परेशान कर देंगे। वरिष्ठ सहकर्मी और रिश्तेदार मदद का हाथ बढाएंगे। खाली समय में आज आप अपने मोबाइल पर कोई वेब सीरीज देख सकते हैं। मुमकिन है कि आपका जीवनसाथी आज आपके लिए पर्याप्त समय न निकाल पाए। शुभ अंक :- 5 शुभ रंग :- हरा और फिरोज़ी उपाय :- लोहे के बर्तन से पानी पीना प्रेम सम्बन्धों को अच्छा रखेगा। हैं परेशान? करें पंडित जी से सिर्फ ₹1 में बात , पायें तुरंत समाधान

राशि अनुसार करें ये उपाय, दूर हो जायेंगे सभी संकट

राशि अनुसार करें ये उपाय, दूर हो जायेंगे सभी संकट
शास्त्रों में भगवान शिव को गुरु और शनि को उनका शिष्य माना है। शिव ने ही उन्हें न्यायाधीश का विशेष पद दिया है, जहां एक तरफ शनि काल हैं तो दूसरी तरफ महादेव भोले भण्डारी महाकाल हैं। माघ कृष्ण त्रयोदशी पर शनिवार होने के कारण शनि प्रदोष है। शिव को समर्पित त्रयोदशी तिथि सभी दोषों का नाश करती है। इसी कारण इसे प्रदोष कहते हैं।भविष्य पुराण के अनुसार, जयकारी तिथि त्रयोदशी के स्वामी कामदेव हैं। शास्त्रों के अनुसार, इस दिन समस्त जैसे ब्रह्म बेताल, देव, गंधर्व दिव्यात्माएं अपने सूक्ष्म स्वरूप में शिवलिंग में समा जाती हैं।

त्रयोदशी तिथि पर प्रदोषकाल में शिवलिंग के केवल दर्शन करने से सभी जन्मों के पाप नष्ट होते हैं। साथ ही त्रयोदशी तिथि पर प्रदोषकाल में शिवलिंग पर बिल्वपत्र चढ़ाकर दीप जलाने से अनेक पुण्य प्राप्त होते हैं। त्रयोदशी तिथि पर प्रदोष काल के समय महादेव कैलाश पर्वत के भवन में प्रसन्न मुद्रा में तांडव नृत्य करते हैं। शनि प्रदोष पर शिव के अष्ट स्वरूप रुद्र देव, शंकर, नीलकंठ, चंद्रमौलि, उमाकांत, महाकाल, ईशान, विश्‍वेश्वर के पूजन का विधान है। इस दिन काले तिल और सरसों के तेल से काले शिवलिंग के पूजन का विशेष महत्व बताया गया है। शनि प्रदोष पर शिव के महाकाल स्वरूप के विशेष पूजन उपाय से शनि की महादशा, साढ़ेसाती व ढैय्या से मुक्ति मिलती है।

राशि अनुसार करें ये विशेष उपाय:-

मेष:- काले शिवलिंग के निमित सरसों के तेल का दीपक करें, इससे जीवन में सफलता मिलेगी।

वृषभ:- काले शिवलिंग का तिल के तेल से अभिषेक करें, इससे सेहत अच्छी होगी।

मिथुन:- काले शिवलिंग पर नारियल चढ़ाएं, दांपत्य जीवन में खुशहाल आएगी।

कर्क:- काले शिवलिंग पर बरगद का पत्ता चढ़ाकर जलप्रवाह करें, इससे विवाद दूर होंगे।

सिंह:- काले शिवलिंग पर चढ़ा काला बॉल पेन इस्तेमाल करें, इससे पढ़ाई में कामयाबी मिलेगी।

कन्या:- शाम में घर के ईशान कोण में 13 मुखी दीपक जलाकर शिव चालीसा पढ़ें, इससे जीवन सुखमय होगा।

तुला:- काले शिवलिंग की लौंग और कपूर जलाकर आरती करें, इससे लव लाइफ में सफलता मिलेगी।

वृश्चिक:- काले शिवलिंग पर 2 बरगद के पत्ते चढ़ाएं, इससे दुर्भाग्य समाप्त होगा।

धनु: नारियल सिर से 13 बार वारकर काले शिवलिंग पर चढ़ाएं, इससे मानसिक विकार ठीक होंगे।

मकर: काले शिवलिंग पर 12 पीपल के पत्ते चढ़ाएं, इससे नुकसान से बचाव होगा।

कुंभ: काले शिवलिंग पर चढ़े 11 कागज़ी बादाम चढ़ाकर गल्ले में रखें, इससे कारोबार में सफलता मिलेगी।


मीन: काले शिवलिंग पर 10 लौंग चढ़ाएं, इससे जीवन में सफलता मिलेगी।

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